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बीज से लौकी और तोरी उगाने की पूरी विधि
बीज से स्क्वैश उगाना बहुत आसान है। गर्मी के मौसम में बीज को सीधे मिट्टी में या पहले गमले में बो सकते हैं। 7-10 दिन में अंकुर निकल आता है। 60-80 दिन में फसल तैयार हो जाती है। धूप, पानी और अच्छी जल निकासी चाहिए।
Step by step
- सही समय चुनें. मार्च-अप्रैल या जून-जुलाई में बुवाई करें। ठंड बिल्कुल खत्म हो जानी चाहिए। तापमान 20-25 डिग्री रहे तो सबसे अच्छा।
- बीज तैयार करें. रात भर पानी में भिगो दें। सुबह निकालकर गीले कपड़े में लपेटें। 2-3 दिन में जड़ निकल आएगी। यह जरूरी नहीं, सीधे भी बो सकते हैं।
- मिट्टी तैयार करें. दोमट मिट्टी सबसे अच्छी। कंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाएं। जमीन से 6-8 इंच ऊंची क्यारी बनाएं। जल निकासी अच्छी होनी चाहिए।
- बुवाई करें. 2-3 सेमी गहरा गड्ढा बनाएं। एक गड्ढे में 2-3 बीज डालें। बीज के बीच 3-4 फुट की दूरी रखें। हल्की मिट्टी से ढक दें।
- पानी दें. हल्का पानी छिड़कें। मिट्टी नम रहे लेकिन भरी हुई न हो। रोज सुबह-शाम देखें। 7-10 दिन में पौधा निकल आएगा।
- देखभाल करें. 15 दिन बाद कमजोर पौधे हटा दें। महीने भर में खाद दें। बेल को सहारा दें या जमीन पर फैलने दें। नियमित पानी देते रहें।
Tips & troubleshooting
- बारिश के मौसम में फंगस से बचाव के लिए नीम का तेल स्प्रे करें
- फूल आने के समय ज्यादा पानी न दें, वरना फूल गिर जाएंगे
- कच्चे फल तोड़ते रहें, नए फल ज्यादा आएंगे
- बेल के नीचे सूखी घास बिछाने से नमी बनी रहती है
Variations
- गमले में उगाना. बड़े गमले (20-25 लीटर) में उगा सकते हैं। मिट्टी, कंपोस्ट, रेत का मिश्रण बनाएं। बेल को सहारा देने की जरूरत होगी।
- लौकी (बॉटल गार्ड). लंबी बेल वाली किस्म। मचान या बाउंड्री वॉल के सहारे चढ़ाएं। फल लटकने से सीधे रहते हैं।
- तोरी (जुकिनी). झाड़ीनुमा किस्म। कम जगह में उग जाती है। 50-60 दिन में छोटे फल मिलने लगते हैं।
Questions
- बीज कितने दिन में अंकुरित होते हैं?
- सामान्यतः 7-10 दिन में अंकुर निकल आता है। गर्मी में जल्दी, ठंड में देर लगती है।
- कितनी धूप चाहिए?
- दिन भर धूप सबसे अच्छी। कम से कम 6-8 घंटे धूप जरूरी है। छाया में फल कम आते हैं।
- पहला फल कब मिलेगा?
- बुवाई के 60-80 दिन बाद फल तैयार हो जाता है। तोरी जल्दी, लौकी में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।
- पत्ते पीले क्यों हो रहे?
- ज्यादा या कम पानी दोनों से पत्ते पीले होते हैं। मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी भी हो सकती है। खाद डालें।