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घर पर अंगूर की बेल कैसे उगाएं

अंगूर की बेल लगाना धैर्य का काम है। अच्छी किस्म का कलम चुनें, धूप वाली जगह और अच्छी निकासी वाली मिट्टी दें। पहले साल जड़ें मजबूत करना, दूसरे साल फैलाना, तीसरे साल से फल आना शुरू हो जाता है। नियमित पानी, छंटाई और सहारा देना जरूरी है।

Step by step

  1. किस्म और कलम का चयन करें. अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार किस्म चुनें। बीज से नहीं, कलम से लगाएं। नर्सरी से स्वस्थ, बिना रोग वाला पौधा लें। एक साल पुराना कलम सबसे अच्छा होता है।
  2. उपयुक्त स्थान तैयार करें. दिन में 6-8 घंटे धूप वाली जगह चुनें। मिट्टी में पानी भरकर न रहे। दीवार या बाड़ के पास लगाएं जहां बेल को सहारा मिल सके। गमले में लगाने के लिए कम से कम 20 लीटर का बड़ा गमला लें।
  3. मिट्टी तैयार करें. बगीची की मिट्टी में कंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाएं। रेत मिलाकर पानी की निकासी बेहतर बनाएं। गमले के लिए बगीची की मिट्टी, कंपोस्ट और रेत को 2:1:1 के अनुपात में मिलाएं।
  4. रोपाई करें. सर्दियों के अंत में या बसंत की शुरुआत में लगाएं। गड्ढा पौधे की जड़ों से दोगुना चौड़ा खोदें। कलम की जड़ों को धीरे से फैलाकर लगाएं। मिट्टी दबा-दबाकर डालें और तुरंत पानी दें।
  5. सहारा और पानी की व्यवस्था. लगाने के तुरंत बाद बांस या लकड़ी का सहारा लगाएं। हफ्ते में 2-3 बार गहरा पानी दें। ऊपरी मिट्टी सूखने पर पानी दें। बारिश के दिनों में पानी कम करें।
  6. नियमित छंटाई करें. सर्दियों में मुख्य छंटाई करें जब पत्ते गिर जाएं। कमजोर और रोगग्रस्त शाखाएं काटें। मुख्य तने से निकलने वाली साइड शाखाओं को काटकर आकार दें। फूल आने के समय अतिरिक्त गुच्छे हटाएं।

Tips & troubleshooting

Variations

Questions

कितने समय में फल मिलता है?
दूसरे साल थोड़े फूल आते हैं लेकिन अच्छा फल तीसरे साल से मिलना शुरू होता है। चौथे-पांचवें साल तक पूरी तरह तैयार हो जाती है।
अंगूर के पत्ते पीले क्यों हो रहे हैं?
ज्यादा पानी या पानी भरे रहने से पत्ते पीले होते हैं। पानी की निकासी ठीक करें और पानी देने का अंतराल बढ़ाएं। खाद की कमी भी हो सकती है।
अंगूर खट्टे क्यों रह जाते हैं?
धूप कम मिलने से या जल्दी तोड़ने से अंगूर खट्टे रहते हैं। पूरी तरह पकने तक इंतजार करें। फल पकने के समय पानी भी कम करें।
एक बेल से कितना फल मिलता है?
तीसरे साल में 2-3 किलो, चौथे साल में 5-7 किलो और पांचवें साल के बाद 10-15 किलो तक फल मिल सकता है। यह किस्म और देखभाल पर निर्भर करता है।
सर्दियों में कैसे देखभाल करें?
पत्ते गिरने के बाद छंटाई करें। जड़ों के पास मल्चिंग करें। पानी बहुत कम दें। ठंडक में जड़ें सुरक्षित रखने के लिए पुआल या सूखे पत्ते बिछाएं।

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