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रसोई के बचे हुए हिस्सों से सब्जियां उगाना

आपके रसोई घर में रोज़ाना निकलने वाले सब्जियों के छिलके, जड़ें और टुकड़े नई सब्जियां उगाने के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। प्याज़, अदरक, धनिया, पालक और आलू जैसी सब्जियों को बस पानी में रखकर या मिट्टी में लगाकर दोबारा उगाया जा सकता है। यह तरीका पैसे की बचत करता है और घर में ताज़ी सब्जियों की आपूर्ति बनाए रखता है।

Step by step

  1. सही स्क्रैप्स चुनें. प्याज़ की जड़ वाला हिस्सा, अदरक के टुकड़े, धनिया की जड़ें, पालक के तने, आलू की आंखें और लहसुन की कलियां इकट्ठा करें। ये सभी ताज़े और सड़े-गले नहीं होने चाहिए।
  2. पानी की व्यवस्था करें. साफ कांच के गिलास या कटोरे में सादा पानी भरें। पानी रोज़ बदलना होगा इसलिए छोटे बर्तन चुनें। पानी का स्तर जड़ों को ढकने भर का होना चाहिए।
  3. स्क्रैप्स को पानी में रखें. प्याज़ का निचला हिस्सा, अदरक के टुकड़े और धनिया की जड़ों को पानी में इस तरह रखें कि जड़ वाला भाग पानी में डूबा रहे। ऊपरी हिस्सा हवा में रहना चाहिए।
  4. सही जगह रखें. इन्हें किसी खिड़की के पास रखें जहां अच्छी रोशनी आती हो लेकिन सीधी धूप न पड़े। रसोई की खिड़की सबसे अच्छी जगह है क्योंकि आपकी नज़र रहेगी।
  5. नई जड़ों का इंतज़ार करें. 3-5 दिन में नई जड़ें निकलने लगेंगी। जब जड़ें 2-3 सेमी लंबी हो जाएं तो इन्हें मिट्टी के गमले में लगा दें। रोज़ाना पानी बदलते रहें।
  6. मिट्टी में रोपाई करें. अच्छी जड़ें निकलने के बाद इन्हें गमले में लगाएं। मिट्टी नम रखें लेकिन ज़्यादा पानी न दें। 2-3 हफ्ते में नई पत्तियां दिखने लगेंगी।

Tips & troubleshooting

Variations

Questions

कितने दिन में जड़ें निकलती हैं?
प्याज़ और धनिया में 3-4 दिन में जड़ें दिखने लगती हैं। अदरक में एक हफ्ता लग सकता है। आलू की आंखों को सीधे मिट्टी में लगाने पर 10-12 दिन लगते हैं।
क्या सभी सब्जियों के स्क्रैप्स उग सकते हैं?
नहीं। जड़ वाली सब्जियां जैसे प्याज़, अदरक, लहसुन और पत्तेदार सब्जियां जैसे धनिया, पालक सबसे आसानी से उगती हैं। टमाटर, खीरा जैसी चीज़ों के लिए बीज चाहिए।
कितनी बार फसल मिल सकती है?
धनिया और पालक को 3-4 बार काटकर इस्तेमाल कर सकते हैं। प्याज़ की हरी पत्तियां भी कई बार मिलती हैं। अदरक में 4-6 महीने बाद नया अदरक तैयार हो जाता है।
अगर जड़ें सड़ जाएं तो क्या करें?
सड़े हुए हिस्से को काटकर हटा दें। बर्तन को अच्छी तरह धोकर ताज़ा पानी भरें। अगली बार पानी रोज़ाना बदलें और कम पानी रखें।

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